अग्निदेव कहते हैं-
वसिष्ठ! (गायत्री छन्दके आठ भेद हैं- आर्षी, दैवी, आसुरी, प्राजापत्या, याजुषी, साम्नी, आर्ची तथा ब्राह्मी) 'छन्द' शब्द अधिकारमें प्रयुक्त हुआ है, अर्थात् इस पूरे प्रकरणमें छन्द शब्दकी अनुवृत्ति होती है। 'दैवी' - गायत्री एक अक्षरकी, 'आसुरी' पंद्रह अक्षरोंकी, 'प्राजापत्या' आठ अक्षरोंकी, 'याजुषी' छः अक्षरोंकी, 'साम्नी' गायत्री बारह अक्षरोंकी तथा 'आर्ची' अठारह अक्षरोंकी है। यदि साम्नी गायत्रीमें क्रमशः दो-दो अक्षर बढ़ाते हुए उन्हें छः कोष्ठोंमें लिखा जाय, इसी प्रकार आर्ची गायत्रीमें तीन-तीन, प्राजापत्या गायत्रीमें चार-चार तथा अन्य गायत्रियों में अर्थात् दैवी और याजुषी में क्रमशः एक-एक अक्षर बढ़ जाय एवं आसुरी गायत्रीका एक एक अक्षर क्रमशः छः कोष्ठों में घटता जाय तो उन्हें 'साम्नी' आदि भेदसहित क्रमशः उष्णिक्, अनुष्टुप् बृहती, पङ्क्ति, त्रिष्टुप् और जगती छन्द जानना चाहिये। याजुषी, साम्नी तथा आर्ची- इन तीन भेदोंवाले गायत्री आदि प्रत्येक छन्दके अक्षरोंको पृथक्-पृथक् जोड़नेपर उन सबको 'ब्राह्मी-गायत्री', 'ब्राह्मी उष्णिक्' - आदि छन्द समझना चाहिये। इसी प्रकार याजुषीके पहले जो दैवी, आसुरी और प्राजापत्या नामक तीन भेद हैं, उनके अक्षरोंको पृथक्-पृथक् छः कोष्ठोंमें जोड़नेपर जितने अक्षर होते हैं, वे 'आर्षी गायत्री', 'आर्षी उष्णिकू' आदि कहलाते हैं। इन भेदोंको स्पष्टरूपसे समझने के लिये चौंसठ कोष्ठोंमें लिखना चाहिये ॥ १-५॥
(कोष्ठक इस प्रकार है- )
इस प्रकार आदि आग्रेय महापुराणमें 'छन्दस्सारका कथन' नामक तीन सौ उनतीसवाँ अध्याय पूरा हुआ ॥ ३२९ ।।
Summary of chapter 331 of the Agni Mahā Purana is as follows:
The rites of śrāddha — the offering of food and water to the ancestors (pitṛs) — are described in detail. Agni explains the three categories of śrāddha: nitya (daily libations), naimittika (performed on specific occasions such as death anniversary), and kāmya (performed for specific desires). The twelve types of śrāddha — pārvaṇa, ekodiṣṭa, sapinḍīkaraṇa, māsika, ābdika, and others — are enumerated with their distinctive rites. The chapter specifies the foods most pleasing to the pitṛs, the brāhmaṇas who are to be invited, the directions and times auspicious for śrāddha performance, and the fruits of śrāddha for both the performer and the departed souls.